Delhi CCTV Cameras: दिल्ली में लगेंगे 50 हजार नए CCTV कैमरे, महिला सुरक्षा के लिए स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त पर जोर

नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार राजधानी में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के समय के दौरान इस प्रस्ताव की जानकारी दी। इसके इसके साथ ही अंधेरे वाले स्थानों पर बेहतर रोशनी, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, नियमित पुलिस गश्त और कॉलेज परिसरों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे कदमों पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाना और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को बेहतर करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला कॉलेजों की निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। इस दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी समस्याएं और महिला सुरक्षा से संबंधित चिंताएं उठाईं। इन मुद्दों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बारे में बताया कि राजधानी में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। इस पहल के जरिए शहर के विभिन्न इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार की योजना में केवल नए कैमरे लगाना ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके नियमित रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरों को सुचारु रूप से संचालित रखने के लिए वार्षिक रखरखाव अनुबंध यानी एएमसी की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत कैमरों की नियमित जांच, देखरेख और खराब होने की स्थिति में समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इस घटनाक्रम से तकनीकी खराबी के कारण निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार अंधेरे वाले स्थानों की पहचान कर वहां रोशनी की व्यवस्था बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने नियमित पुलिस गश्त और कॉलेज परिसरों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे उपायों का भी उल्लेख किया। इन कदमों का उद्देश्य खास तौर पर उन स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाना है, जहां पर्याप्त रोशनी या निगरानी की कमी के कारण महिलाओं और अन्य लोगों को असुरक्षा महसूस हो सकती है।

दिल्ली में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है। इन लाइटों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे उनके कामकाज की निगरानी की जा सकेगी। इस तकनीकी व्यवस्था के जरिए स्ट्रीट लाइट में खराबी आने पर उसका स्वतः पता लगाने की सुविधा होगी। उसके बाद संबंधित ठेकेदारों को वार्षिक रखरखाव अनुबंध के तहत खराब लाइटों की मरम्मत करनी होगी। इस घटनाक्रम से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में महिला सुरक्षा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दा रहा है। ऐसे में सीसीटीवी निगरानी, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग और नियमित पुलिस गश्त को एक साथ मजबूत करने की योजना को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में प्रस्तावित कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके बावजूद, 50 हजार नए कैमरों की स्थापना और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग योजना के वास्तविक परिणाम इनके क्रियान्वयन, उचित रखरखाव और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय पर निर्भर करेंगे। फिलहाल सरकार की ओर से इन योजनाओं की घोषणा की गई है और इनके माध्यम से राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।