Muzaffarnagar Murder Case: अवैध संबंध का विरोध करने पर पति की हत्या, देवर-भाभी को उम्रकैद; 50-50 हजार रुपये जुर्माना

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हत्या के एक प्रकरण में अदालत ने देवर और भाभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने अपने कथित प्रेम संबंध का विरोध करने वाले पति की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वारदात होने के बाद शव को निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में फेंक दिया गया था। अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाह पेश किए थे। मृतक के पिता समेत छह गवाह पक्षद्रोही हो गए थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।

यह मामला मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव मांडला का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गांव निवासी साकर की पत्नी आसया और उसके छोटे भाई सुहैल के बीच प्रेम संबंध थे। बताया गया कि सऊदी अरब से लौटने होने के बाद सुहैल और आसया के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। दोनों कथित तौर पर साकर की गैरमौजूदगी में मिलते थे। इस संबंध के संबंध में परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

अभियोजन के मुताबिक, 6 जून 2023 को साकर ने अपनी पत्नी आसया और छोटे भाई सुहैल को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसी बात के संबंध में विवाद हुआ। आरोप है कि उसी रात जब साकर चारपाई पर सो रहा था, तब आसया और सुहैल ने मिलकर उसकी चुनरी से गला घोंट दिया। हत्या होने के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में डाल दिया गया। इस घटना के बाद परिवार के लोगों को साकर के संबंध में जानकारी नहीं मिली, जिसकी वजह से उसकी तलाश शुरू हुई।

7 जून 2023 को साकर के चचेरे भाई असलम ने पुरकाजी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और पूछताछ के समय के दौरान आसया तथा सुहैल पर संदेह गहराया। 15 जून 2023 को पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे से साकर का शव बरामद किया। उसके बाद मृतक के पिता फरीद ने दोनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। वे 16 जून 2023 से जेल में बंद हैं।

मामले की सुनवाई एससी-एसटी कोर्ट में हुई, जहां न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार तालियान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी आशीष कुमार त्यागी ने अदालत को मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जानकारी दी। सुनवाई के समय के दौरान मुकदमे के वादी मृतक के पिता फरीद समेत छह गवाह अपने पहले के बयानों से मुकर गए थे। इसके होने के बाद भी अभियोजन ने कुल 11 गवाह पेश किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने होने के बाद आसया और सुहैल को हत्या का दोषी माना।

मंगलवार को दोनों दोषियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। फैसले होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अदालत के निर्णय में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि कई गवाहों के पक्षद्रोही हो जाने के होने के बाद भी अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में सफल रहा।