Delhi Metro Security: जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध यात्री को CISF ने दौड़ाकर पकड़ा, अंडरगारमेंट में मिला अज्ञात पदार्थ
दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के समय के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने एक संदिग्ध यात्री को पकड़ लिया। बैगेज स्क्रीनिंग के समय के दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक संदिग्ध घनी वस्तु दिखाई दी थी। उसके बाद यात्री ने कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क CISF जवानों ने उसका पीछा किया और स्टेशन के एग्जिट गेट के पास उसे पकड़ लिया। इस घटना के बाद यात्री और उसके सामान की गहन जांच की गई।
CISF के अनुसार, बैगेज स्क्रीनिंग के समय के दौरान एक्स-रे मशीन की स्क्रीन पर संदिग्ध वस्तु दिखाई देने होने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने यात्री को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान वह कथित तौर पर भागने लगा। जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसका पीछा किया और उसे स्टेशन से बाहर निकलने से पहले पकड़ लिया। उसके बाद उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में छिपाकर रखा गया एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ मिला। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बरामद पदार्थ क्या है और उसे छिपाकर रखने के पीछे क्या उद्देश्य था।
शुरुआती तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए यात्री ने खुद को मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने वाला अनिवासी भारतीय (NRI) बताया है। इसके बावजूद, उसकी पहचान और उसके दावे से संबंधित अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। CISF ने यात्री को बरामद पदार्थ और उसके सामान सहित आगे की पड़ताल के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है और बरामद पदार्थ की प्रकृति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन दिल्ली के पुराने और व्यस्त इलाकों में स्थित है, जहां प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे में मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस घटना में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने होने के बाद CISF जवानों की त्वरित कार्रवाई की वजह से यात्री को पकड़ लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर इस तरह की जांच के माध्यम से प्रतिबंधित या संदिग्ध वस्तुओं को मेट्रो परिसर में ले जाने से रोकने का प्रयास करती हैं।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अंडरगारमेंट में छिपाया गया अर्धठोस पदार्थ किस प्रकार का है, उसे छिपाने की वजह क्या थी और क्या इस प्रकरण में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। अभी तक बरामद पदार्थ की पहचान या यात्री के कथित उद्देश्य के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने होने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा। CISF की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है।

